November 2, 2026

डिजिटल धोखाधड़ी रोकने में नाकाम रहने पर बैंकों को देना होगा मुआवजा

0
supreme-court-1-1793274027

डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने वित्तीय संस्थानों की जवाबदेही तय कर दी है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि बैंक सामान्य से असामान्य लेनदेन और वित्तीय अनियमितताओं पर नजर रखने में लापरवाही बरतते हैं, और ग्राहक धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो बैंक को पीड़ित के नुकसान की भरपाई करनी होगी। मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने भारतीय रिजर्व बैंक से सभी अधिकृत वित्तीय संस्थानों की सूची मांगी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैंकों का मुख्य कार्य ग्राहकों के धन और उनकी सुरक्षा को सुरक्षित रखना है, जिसके लिए उन्हें आधुनिक और पुख्ता तकनीकी कदम उठाने होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *